राहुल द्रविड से जुड़े 10 रोचक तथ्य | 10 Interesting Facts About Rahul Dravid - Tenfacts

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Friday, May 25, 2018

राहुल द्रविड से जुड़े 10 रोचक तथ्य | 10 Interesting Facts About Rahul Dravid

राहुल द्रविड से जुड़े 10 रोचक तथ्य | 10 Interesting Facts About Rahul Dravid

10 Interesting Facts About Rahul Dravid

हेलो दोस्तों Tenfacts मे आपका स्वागत है। आज हम आपको राहुल द्रविड से जुड़े 10 रोचक तथ्य के बारे में बताएंगे, जो शायद ही आप जानते होंगे, तो आइए जानते हैं।

धीर-गंभीर और चेहरे पर हमेशा एक मीठी सी मुस्‍कान रखने वाले राहुल द्रविड़ क्रिकेट की दुनिया का जाना-माना सितारा हैं, जिसे लोग ''वॉल ऑफ इंडिया'' कहकर भी बुलाते हैं। दरअसल जब वह बल्लेबाजी करते थे तो फिल्‍डर्स को बॉल लेने के लिए बाउंड्री के पास नहीं बल्कि राहुल द्रविड़ के पास आना पड़ता था। उनके डिफेन्स मै इतनी ताकत थी की वो अपने बैट से बॉल को वही जाम कर देते थे।

11 जनवरी 1973 को जन्‍म लेने वाले राहुल द्रविड़ ने अपनी बल्लेबाजी की कुशलता से टीम को मजबूत किया और भारत को बहुत सम्मान दिलाया है। इन्‍होंने अपने 16 साल के करियर में कई रिकॉर्ड तोड़े और बनाए। आक्रामकता और स्‍टारडम के मामले में भले ही राहुल शीर्ष क्रिकेटरों से थोड़ा कमतर माने जाते रहे हों, लेकिन टीम के मिस्‍टर भरोसेमंद तो बस यही माने जाते रहे हैं। आज हम राहुल के बारे में क्रिकेट के रिकार्ड्स से इतर कुछ ऐसी दिलचस्‍प बातें बताएंगे जो कम लोग ही जानते होंगे।

1. द्रविड़ क्रिकेट में आने से पहले हॉकी खेलते थे। उन्हें कर्नाटक की जूनियर स्टेट टीम में शामिल किया गया था।

2. 1984 में चिन्नास्वामी स्टेडियम में उन्होंने एक ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। जहाँ पूर्व क्रिकेटर केकी तारापोरे ने उनकी प्रतिभा को पहचाना।

3. राहुल को क्रिकेट उनके पिता से विरासत में मिली है उनके पिता क्रिकेट के लिए इतने दीवाने थे कि जिस दिन राहुल का जन्‍म हुआ था, उस दिन चेन्‍नई में भारत और इंग्‍लैंड के बीच टेस्‍ट मैच चल रहा था और पत्‍नी और नवजात बच्‍चे के हॉस्‍पीटल में होने के बावजूद उन्‍होंने रेडियो पर आ रही कमेंट्री को जरा भी मिस नहीं किया।

4. राहुल को मिस्‍टर भरोसेमंद और दीवार के अलावा 'जैमी' के नाम से भी जाना जाता है। उन्हें यह नाम इसलिए मिला क्‍योंकि उनके पिता शरद द्रविड़ किसान जैम कंपनी में काम करते थे। बेंगलुरु में स्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट का नाम ‘जैमी कप’ रखा गया है। इस अंधविश्वास कहे या आस्था, लेकिन द्रविड़ हर टेस्ट मैच में नये कपड़े पहना करते थे।

5. वर्ष 2007 के विश्‍व कप में जब बंगलादेश के हाथों भारत परास्‍त हुआ था तब भी उन्‍होंने उस हार को इतनी सहृदयता से लिया था कि मैच के हीरो रहे तमीम इकबाल और मुशफिकर रहीम को अपने दो बैट गिफ्ट कर दिए।

6. बहुत कम लोग जानते हैं कि राहुल उन गिने-चुने क्रिकेटरो में आते हैं जो वेल एजुकेटेड हैं। इन्‍होंने बंगलुरू के संत जोसफ कॉलेज से कामर्स में ग्रेजुएशन किया है और वहीं से एमबीए भी कर रहे थे । उसी दौरान उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम से बुलावा आ गया।

7. आमतौर पर सब जानते हैं कि राहुल एक शांत, गंभीर और कूल पर्सन हैं पर एक बार जब 2004 में वो पाकिस्‍तान दौरे पर गए थे तब एक पत्रकार द्वारा मैच फिक्सिंग के बारे में सवाल पूछने पर उन्‍होंने अपना आपा खो दिया था। उन्‍होंने उसे कमरे से बाहर निकालने को कह दिया था।

8. द्रविड़ ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपने पहले ही डेब्यू टी-20 मैच में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। जब 2004 में द्रविड़ को सौरव गांगुली के साथ पद्मश्री मिला था, सम्मान मिलने के अगले दिन अख़बार में पहले पन्ने पर दोनों की तस्वीरें छपी हुई थी, उसे देखकर उन्होंने कहा था कि पहले पन्ने पर ऐसी फोटो का छपना दुर्भाग्यपूर्ण है। द्रविड़ का मानना है कि हीरो शब्द का इस्तेमाल बहुत संभल कर करना चाहिए और वास्तविक हीरो तो हमारे सैनिक, वैज्ञानिक और डॉक्टर हैं।

9. उनकी पत्नी विजेता द्रविड़ के अनुसार शादी से पहले राहुल द्रविड़ एकाध बार ही नागपुर में उनके घर खाने पर आए थे। उस दौरान कभी नहीं लगा कि वे भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार हैं। साल 2004-5 में एक ऑनलाइन सर्वे में राहुल द्रविड़ को भारत का 'सर्वाधिक आकर्षक स्‍पोर्ट्स पर्सनालिटी' माना गया था।

10. एक बार एम टीवी के शो ''एम टीवी बकरा'' में जब प्रैंक में एक लड़की ने जर्नलिस्‍ट बनकर इन्‍हें प्रपोज कर दिया था और इनके प्रति अपना पागलपन दर्शाया था तब इन्‍होंने उसे इन सब चीजों को छोड़कर पढ़ाई पर ध्‍यान देने की सलाह दी थी और बकरा नहीं बने थे।

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