बाइचुंग भूटिया से जुड़े 10 रोचक तथ्य | 10 Interesting Facts About Baichung Bhutia - Tenfacts

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Friday, May 25, 2018

बाइचुंग भूटिया से जुड़े 10 रोचक तथ्य | 10 Interesting Facts About Baichung Bhutia

बाइचुंग भूटिया से जुड़े 10 रोचक तथ्य | 10 Interesting Facts About Baichung Bhutia

10 Interesting Facts About Baichung Bhutia

हेलो दोस्तों Tenfacts मे आपका स्वागत है। आज हम आपको बाइचुंग भूटिया की जिंदगी से जुड़े 10 रोचक तथ्य के बारे में बताएंगे, जो आप शायद ही जानते होंगे, तो आइए जानते हैं।

भारत में लगभग गर्त में जा चुके फुटबॉल के प्रति लोगों में फिर से लगाव पैदा करने का श्रेय जिस फुटबॉलर को जाता है, वह है 'बाइचुंग भूटिया'। भूटिया अपने प्रशंसकों की बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबाल क्षेत्र में भारतीय फुटबाल टीम के ‘टार्च बियरर’ अर्थात मार्गदर्शक के नाम से जाने जाते है। भारतीय फुटबॉल के कप्तान के रूप में वे लंबी पारी खेलकर काफी मशहूर हुए। बाइचुंग का जन्म 15 दिसंबर 1976 को सिक्किम के तिनकीतम नामक गांव में हुआ था। भूटिया को कई राष्ट्रीय अवार्ड मिले हैं। वह 'अर्जुन अवार्ड' और 'पदमश्री' से भी नवाजे गए हैं। इतना ही नहीं उन्हें 'सिक्किम पुरस्कार' भी दिया गया। आइए जानते हैं बाइचुंग भूटिया से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिनके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे।

1. बाइचुंग का असली नाम है उग्येन संज्ञेय, जिसका मतलब होता है छोटा। उनका एक और निकनेम 'सिक्किमेंसे स्नाइपर' है। फुटबॉल में उनकी शूटिंग स्किल्स के कारण उन्हें यह नाम दिया गया।

2. बाइचुंग ने महज 5 साल की उम्र में ही फुटबॉल की ट्रेनिंग के लिए अपने घर से काफी दूर स्थित पूर्वी सिक्किम में सेंट जेवियर्स में एडमिशन लिया था। 1992 में उन्होंने भारत की अंडर-16 ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अपनी 12वीं की परीक्षा छोड़ दी थी।

3. बाइचुंग ने महज 11 साल की उम्र में फुटबॉल की दुनिया में छाप छोड़ना शुरू कर दिया था। उन्हें ताशी नंग्याल अकादमी की ओर से फुटबॉल में साई स्कॉलरशिप दी गई थी।साल 1992 के सुब्रतो कप के दौरान उन्हें बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड मिला और पहली बार उनकी प्रतिभा की पहचान हुई। पूर्व भारतीय गोलकीपर भास्‍कर गांगुली ने बाइचुंग की प्रतिभा देखी और कोलकाता फुटबॉल में उन्हें एंट्री दिलाने में मदद की।

4. बाइचुंग भूटिया भारत के पहले नेशनल फुटबॉल लीग के टॉप स्कोरर रहे थे। भूटिया ने 1996-97 में इस लीग में 14 गोल दागते हुए उस साल के बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड जीता।

5. वह भारत के पहले फुटबाल खिलाड़ी है जिन्हें इंग्लिश क्लब के लिए खेलने के लिए आमंत्रित किया गया था। भूटिया भारत के लिए 100 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले पहले भारतीय फुटबॉलर हैं। भूटिया ने भारत के लिए खेले 104 मैचों में 40 गोल दागे हैं। 2013 तक वह भारत के लिए सबसे ज्यादा गोल दागने वाले फुटबॉलर थे, बाद में उनका ये रिकॉर्ड सुनील छेत्री ने तोड़ दिया था।

6. फुटबॉल के अलावा बाइचुंग ने छोटे परदे पर भी अपना जौहर दिखाया है। ये साल 2009 में झलक दिखला जा नामक रियलिटी शो के विनर रहे हैं। इसके बाद इनके तत्कालीन क्लब मोहन बागान और इनके बीच कुछ विवाद भी पनपा।

7. फुटबॉल के मैदान और रियलिटी शो के अलावा राजनीति के पिच पर भी बाइचुंग अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।भूटिया ने हाल ही में अपनी नई राजनीतिक पार्टी के नाम का ऐलान किया है। सिक्किम बेस्ड अपनी इस पार्टी को बाइचुंग ने 'हमरो सिक्किम' नाम दिया है। कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले बाइचुंग 2014 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी की ओर से दार्जिलिंग सीट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन वह चुनाव हार गए थे।

8. बाइचुंग को फुटबॉल के अलावा बैडमिंटन, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स में भी रूझान रहा है। सिक्किम सरकार ने भूटिया के जन्मस्थान नामची में स्थित स्टेडियम का नाम बाइचुंग भूटिया स्टेडियम रखकर उन्हें सम्मानित किया।

9. बाइचुंग ने 2008 के चीन की राजधानी बीजिंग में हुए ओलंपिक में मशाल धारक बनने से इनकार कर दिया था और इसकी वजह उनका तिब्बती आंदोलन के प्रति समर्थन था।

10 भूटिया भारत में तीन क्लब ईस्ट बंगाल (पांच साल), मोहन बागान (दो साल) और जेसीटी मिल्स (दो साल) खेले, जबकि विदेशी लीग में वह ग्रेटर मैनचेस्टर के लिए बरी एफसी और थोड़े दिन के लिए मलेशिया के पेराक एफसी के लिए खेले। वह भारत के लिए 1995 से 2001 तक 16 साल तक फुटबॉल खेले।

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