मुस्लिम सूअर का मांस क्यो नही खातें, वजह जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे ।। - Tenfacts
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Wednesday, June 20, 2018

मुस्लिम सूअर का मांस क्यो नही खातें, वजह जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे ।।

आज हम आपको सूअर के बारे में कुछ चर्चा करेंगे कि आखिर मुस्लिम लोग सूअर क्यों नही खातें हैं!

मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ कुरान में सुअर का मास खान 'हराम' माना जात है। जिसे ज्यादातर लोग अंध विश्वास कहकर टाल देते है। 

लेकिन आपको बता दे कि पुराणों और ग्रंथ लिखने वाले लोग बहुत ज्ञानी थे और यहीं कारण है कि बिना वजह वो कोई बात नहीं लिखते थे।

सूअर का मास खाने के पीछे कुछ ऐसे कारण है, जिन्हे जानकर आप कभी सूअर का मास नहीं खाएंगे। तो चलिए हम आपको बताते है कि आखिर क्यों सूअर का मास खाने की मनाही है।

हम सब इस बात से अच्छे से वाकिफ है कि सूअर एक गंदा जानवर होता है।
आपको शायद पता हो कि सूअर अपना ज्यादातर खाना कीचड़ से ही खाता है, जिसमें वो मल और सड़ा हुआ खाना खाता है। सूअर एक ऐसा जानवर होता है जो अपने मल को भी खा लेता है। 

ऐसे मे सूअर के शरीर में काफी मात्रा में बैक्टीरिया इकट्ठा हो जाता है। एक व्यस्क सूअर में इतनी मात्रा में जहर इकट्ठा हो जाता है कि उसपर सांप के जहर का असर भी होना बंद हो जाता है।

दुनिया मे सूअर एक ऐसा जीव है जिसे कभी पसीना नही आता है। डॉक्टरों के मुताबित जिस जीव में पसीना नही होता है उस जीव के शरीर में टॉक्सिन नामक विषैले पदार्थ पाए जातें हैं। अगर आप सुअर खाते हैं तो ये टॉक्सिन नामक विषैले पदार्थ आपके शरीर में पहुँच जाता है जिसकी वजह से आपको मस्तिष्क और ह्रदय जैसे भयानक रोग हो सकतें हैं। इसीलिए डॉक्टर लोग भी कहतें हैं कि हृदय मरीज को सुअर नहीं खाना चाहिए।

सूअर के शरीर में कई तरह के बैक्टीरिया के साथ कीड़े भी पैदा होने लगते है। जिनमें से सबसे खतरनाक कीड़ा होता है टेपवार्म
अगर आप सूअर का मांस खाते है तो, आपके शरीर में ये कीड़ा प्रवेश कर जाता है। एक रिसर्च के दौरान पता चला है कि, टेपवार्म एक ऐसा कीड़ा है जिसके अंडे खून के द्वारा शरीर में कहीं भी जा सकते है।

अगर ये अंडे गलती से भी दिमाग में चले गए तो ब्रेन डैमेज जैसी गंभीर बिमारियां हो सकती है। सूअर के मास को पचने में 3 से 4 घंटे लगते है। सूअर के मास में मौजूद टॉक्सिन्स आपके शरीर में कई तरह कि बिमारियों को जन्म देते है। जिसमें हार्ट अटैक सबसे महत्वपूर्ण है।

ये टॉक्सिन्स ब्लड प्रेसर को कम कर देते है, जिसकी वजह से लो बीपी जैसी बिमारियों का सामना करना पड़ता है। सूअर खाने वाले लोगों को लीवर से जुड़ी बिमारियां भी पाई जाती है। लगातार सूअर का मास खाने की वजह से दिल से जुड़ी कई बिमारियां जन्म ले लेती है। आपको ये भी बता कि, ना सिर्फ कुरान बल्कि बाइबल में भी सूअर का मांस खाने से मना किया गाया है।

नोट- मुझे इस पोस्ट से किसी धर्म या समुदाय को क्षति पहुचाना नही है. सिर्फ समाज को एक नई दिशा से अवगत कराना है. कृपया इस पोस्ट को गलत तरीके से न लें.

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